रुपईडीहा (बहराइच)।
भारत-नेपाल सीमा पर एक बार फिर मानव तस्करी की बड़ी कोशिश को एसएसबी जवानों ने नाकाम कर दिया। इंडो-नेपाल बॉर्डर स्थित रुपईडीहा चेकपोस्ट पर एसएसबी की सतर्कता के चलते कुवैत ले जाई जा रहीं 5 नेपाली लड़कियाँ पकड़ी गईं। इन सभी को दिल्ली के रास्ते अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी के जाल में धकेले जाने की तैयारी थी।
जानकारी के अनुसार, इन लड़कियों को बहला-फुसलाकर भारत लाया गया था और दिल्ली ले जाकर विदेश भेजने की योजना थी। एसएसबी की जांच में यह खुलासा हुआ कि ये सभी नेपाल के विभिन्न क्षेत्रों की निवासी हैं और इनके पास भारत में प्रवेश के लिए वैध दस्तावेज भी नहीं थे। पूछताछ में लड़कियों ने बताया कि उन्हें कुवैत में नौकरी दिलाने का झांसा दिया गया था।
एसएसबी ने तत्काल लड़कियों को महिला हेल्पलाइन और एंटी-ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट के सुपुर्द कर दिया है। मामले की सूचना नेपाल के संबंधित अधिकारियों को भी दे दी गई है ताकि तस्करी गिरोह का पर्दाफाश हो सके।
एसएसबी के एक अधिकारी ने बताया, “मानव तस्कर लगातार नेपाल की गरीब और बेरोजगार युवतियों को विदेश में नौकरी का लालच देकर शिकार बना रहे हैं। हमारी टीम लगातार बॉर्डर पर सतर्क है और इस तरह की किसी भी गतिविधि को रोकने के लिए प्रयासरत है।”
स्थानीय सामाजिक संगठनों ने एसएसबी की तत्परता की सराहना करते हुए प्रशासन से मांग की है कि सीमा पर निगरानी और सख्त की जाए और मानव तस्करी में शामिल अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय गिरोहों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।



