👉ग्राम पंचायत सोरहिया में तालाब खुदाई में फर्जी भुगतान का खुलासा, लोकपाल जांच में पुष्टि
(सुर्या सिंह)
बहराइच। विकास खंड क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत सोरहिया में तालाब खुदाई के नाम पर बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। आरोप है कि पूर्व प्रधान द्वारा खुदवाए गए एक ही तालाब पर दो बार भुगतान निकाल लिया गया, जबकि शासन के नियमों के अनुसार किसी भी तालाब पर दोबारा कार्य और भुगतान कम से कम 5 वर्ष बाद ही किया जा सकता है। प्राप्त जानकारी के अनुसार सोरहिया ग्राम पंचायत में एक तालाब, जिसे पूर्व प्रधान द्वारा खुदवाया गया था, उसी तालाब पर वर्ष 2022 में कार्य दिखाकर भुगतान कराया गया और फिर उसी तालाब पर वर्ष 2025 में दोबारा भुगतान निकाल लिया गया। हैरानी की बात यह है कि एक भुगतान प्रदीप की माता विद्यावती के नाम पर और दूसरा भुगतान स्वयं प्रदीप के नाम पर दर्शाया गया। इतना ही नहीं, भगवानपुर के पूरब बताए गए दो अन्य तालाबों के नाम पर भी भुगतान पास करा लिया गया, जबकि ग्रामीणों का कहना है कि वहां किसी प्रकार की तालाब खुदाई का कार्य हुआ ही नहीं। गांव वालों ने स्पष्ट बयान दिया है कि इन तालाबों की खुदाई वर्तमान प्रधान द्वारा नहीं कराई गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए लोकपाल बहराइच ने प्रदीप की शिकायत पर 14 जनवरी 2026 को जांच की। जांच के दौरान फर्जी भुगतान निकाले जाने की पुष्टि हुई। लोकपाल की जांच में यह भी सामने आया कि कागजों में दर्शाए गए कार्य और जमीनी हकीकत में भारी अंतर है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी धन का दुरुपयोग कर तालाब खुदाई के नाम पर लाखों रुपये निकाल लिए गए, जिससे शासन की योजनाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। अब ग्रामीणों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और फर्जी भुगतान की वसूली की मांग की है। इस संबंध में प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि लोकपाल की जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की


