नवाबगंज-बहराइच। विकास खंड नवाबगंज अंतर्गत ग्राम पंचायत रंजीत बोझा में सरकारी योजनाओं के तहत कराए जाने वाले विकास कार्यों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि मौके पर कोई कार्य होता दिखाई नहीं देता, लेकिन काग़ज़ों में मजदूरों की हाज़िरी पूरी दिखाकर भुगतान निकाल लिया जाता है।ग्रामीणों के अनुसार मनरेगा व अन्य योजनाओं में लेबर लगने का दावा तो किया जाता है, परंतु कार्यस्थल पर न मजदूर नजर आते हैं और न ही कोई ठोस निर्माण कार्य। ऐसे में यह सवाल उठना लाज़मी है कि जब काम ही नहीं हुआ तो मजदूरी किसे और क्यों दी गई? स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की गड़बड़ियाँ केवल रंजीत बोझा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरे नवाबगंज ब्लॉक में यही पैटर्न देखने को मिलता है। फिर भी जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंदे बैठे हैं।सबसे बड़ा सवाल यह है कि 👉 जिम्मेदार अधिकारी मौन क्यों हैं? 👉 क्या मिलीभगत में हो रहा है सरकारी धन का दुरुपयोग? 👉 क्या कभी होगी निष्पक्ष जांच? ग्रामीणों ने उच्चाधिकारियों से मांग की है कि ग्राम पंचायत रंजीत बोझा में कराए गए कार्यों की स्थलीय जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ सही मायनों में जरूरतमंदों तक पहुंच सके।
अब देखना यह है कि खबर के सामने आने के बाद प्रशासन नींद से जागता है या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।


