कजल कश्यप
रुपईडीहा-बहराइच।भारत-नेपाल सीमा से सटे जनपद बहराइच में फर्जी आधार कार्ड बनाने का गोरखधंधा थमने का नाम नहीं ले रहा है। पहले जहां नेपाल नागरिकों के अवैध दस्तावेजों पर आधार बनाए जाने की खबरें सुर्खियों में थीं, अब यह आशंका गहराती जा रही है कि यही खेल बांग्लादेशी और पाकिस्तानी नागरिकों के साथ भी खेला जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, आधार सेंटरों पर काम कर रहे कुछ कर्मचारी मोटी रकम लेकर विदेशियों के फर्जी दस्तावेज तैयार करवा देते हैं और उन्हें भारतीय नागरिक दर्शाते हुए आधार कार्ड जारी कर देते हैं। यह न सिर्फ कानून का खुला उल्लंघन है, बल्कि देश की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा भी पैदा करता है।जानकारों का कहना है कि आधार कार्ड किसी भी नागरिक के लिए सबसे महत्वपूर्ण पहचान दस्तावेज है, जिसका दुरुपयोग कर कोई भी व्यक्ति बैंक खाता, सिम कार्ड, सरकारी योजनाओं का लाभ आदि ले सकता है। इस तरह से विदेशी नागरिकों को भारत का वैध नागरिक दिखाना, आंतरिक सुरक्षा तंत्र को सीधी चुनौती है।स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और खुफिया एजेंसियों से मांग की है कि जिले के सभी आधार केंद्रों की तत्काल जांच कराई जाए। साथ ही, जहां-जहां इस तरह की गड़बड़ियां सामने आई हैं, वहां के ऑपरेटरों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
यदि इस मामले में शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो यह मामला केवल फर्जीवाड़े तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आतंकवाद और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को भी बढ़ावा दे सकता है। प्रशासन को चाहिए कि इस पर तत्परता से कार्रवाई कर जिले की गरिमा और देश की सुरक्षा सुनिश्चित करे।


