समस्याओं और लापरवाही से जूझती नगर पंचायत रुपईडीहा
(एसीपी न्यूज़)
भारत-नेपाल सीमा से सटे रूपईडीहा नगर पंचायत की तस्वीर बदहाल होती जा रही है। सड़कों की दुर्दशा, जलभराव, गंदगी, अतिक्रमण, बिजली कटौती और योजनाओं में भ्रष्टाचार जैसी समस्याओं ने यहां के आम नागरिकों का जीवन कठिन बना दिया है। स्थानीय लोग लगातार सुधार की मांग कर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के चलते हालात जस के तस बने हुए हैं। नगर पंचायत के कई इलाकों की सड़कें लंबे समय से खराब पड़ी हैं। सरस्वती नगर की सड़क इसका सबसे बड़ा उदाहरण है, जहां 18 महीने पहले शुरू हुआ निर्माण कार्य आज तक अधूरा है। बरसात में हालात और बिगड़ जाते हैं। कीचड़ और जलभराव से लोगों का चलना-फिरना मुश्किल हो जाता है। हाल ही में सड़क पर फिसलकर एक व्यक्ति के घायल होने की घटना ने इस समस्या की गंभीरता को उजागर कर दिया है। सिंघानिया मार्केट के मुख्य द्वार पर अतिक्रमण बड़ा खतरा बन चुका है। ठेले वालों ने बिजली ट्रांसफार्मर को घेर रखा है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। वहीं, कूड़े-कचरे के ढेर और धूल-मिट्टी से नगर की सूरत बिगड़ चुकी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर पंचायत प्रशासन इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा।
रूपईडीहा में बिजली आपूर्ति की समस्या आम हो चुकी है। आए दिन घंटों तक बिजली गुल रहती है। हाल ही में पूरे क्षेत्र की बिजली व्यवस्था ठप हो जाने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बिजली विभाग और नगर पंचायत के बीच तालमेल की कमी को लोग इस समस्या की जड़ मानते हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना में रूपईडीहा की सबसे बड़ी धांधली उजागर हुई है। यहां 873 आवासों का आवंटन किया गया था, लेकिन आरोप है कि लाभार्थियों से लेखपाल और कुछ सभासदों ने रिश्वत वसूली। शिकायत मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंची और जांच के आदेश भी दिए गए, मगर अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होने से लोगों में आक्रोश है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अब वक्त आ गया है कि नगर पंचायत अध्यक्ष डॉ. उमाशंकर वैश्य और उनकी टीम गंभीरता से इन समस्याओं का समाधान निकालें। लोग उम्मीद लगाए बैठे हैं कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि मिलकर इस सीमावर्ती नगर को बदहाली से निकालने का ठोस प्रयास करेंगे।



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