नवाबगंज-बहराइच। विकास खंड नवाबगंज की ग्राम पंचायत परामपुर में पिछले पांच वर्षों के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना, शौचालय निर्माण और मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। ग्राम पंचायत के प्रधान ताज खान के कार्यकाल में इन योजनाओं के अंतर्गत स्वीकृत धनराशि, लाभार्थियों और कराए गए विकास कार्यों की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों के विकास और गरीब परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से सरकार करोड़ों रुपये खर्च करती है। ऐसे में ग्राम पंचायत परामपुर में पिछले पांच वर्षों के दौरान आवास, शौचालय और मनरेगा के कार्यों की वास्तविक स्थिति का सत्यापन कराया जाना आवश्यक है।
👉आवास योजना में लाभार्थियों का हो सत्यापन
ग्राम पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत आवासों, लाभार्थियों की सूची, निर्माण की स्थिति और जारी धनराशि की जांच कराई जानी चाहिए। यह भी देखा जाना चाहिए कि पात्र परिवारों को योजना का लाभ मिला या नहीं।
मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों, मस्टर रोल, मजदूरों की उपस्थिति, मजदूरी भुगतान और कार्यस्थलों का भौतिक सत्यापन कराया जाना चाहिए। यदि अभिलेखों और मौके पर मिले तथ्यों में अंतर पाया जाता है, तो जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
अधिकारियों की जांच से सामने आएगी सच्चाई
मामले में जिलाधिकारी बहराइच, मुख्य विकास अधिकारी और संबंधित विभागीय अधिकारियों से मांग है कि ग्राम पंचायत परामपुर में पिछले पांच वित्तीय वर्षों के विकास कार्यों का अभिलेखों सहित स्थलीय निरीक्षण कराया जाए। जांच में अनियमितताएं प्रमाणित होने पर दोषियों की जवाबदेही तय करते हुए सरकारी धन की वसूली और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
अब बड़ा सवाल यह है कि ग्राम पंचायत परामपुर में पिछले पांच वर्षों के दौरान आवास, शौचालय और मनरेगा पर कितना सरकारी धन खर्च हुआ और धरातल पर कितने कार्य पूरे हुए? निष्पक्ष जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


