नवाबगंज, बहराइच। वन विभाग द्वारा हर वर्ष वृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत हजारों पौधे लगाए जाते हैं, लेकिन उनकी समुचित देखरेख व सुरक्षा न होने के कारण अधिकांश पौधे कुछ ही समय में सूख जाते हैं। यही नहीं, वर्तमान ठंड के मौसम में क्षेत्र में हजारों की संख्या में पेड़ों की कटान भी लगातार जारी है, जिससे पर्यावरण को गंभीर क्षति पहुँच रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पौधरोपण केवल औपचारिकता बनकर रह गया है। पौधे लगाने के बाद न तो उनकी नियमित सिंचाई की व्यवस्था की जाती है और न ही पशुओं से बचाव के लिए घेराबंदी की जाती है। परिणामस्वरूप अधिकांश पौधे नष्ट हो जाते हैं और हरियाली बढ़ाने का उद्देश्य पूरा नहीं हो पाता। इसके साथ ही ठंड के मौसम में अवैध रूप से पेड़ों की कटान बढ़ गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में जलावन के नाम पर हरे-भरे पेड़ों को काटा जा रहा है, जिस पर वन विभाग की ओर से प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है। इससे न केवल पर्यावरण संतुलन बिगड़ रहा है, बल्कि भविष्य में जलवायु परिवर्तन और प्रदूषण की समस्या और गंभीर हो सकती है। क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि वृक्षारोपण के बाद पौधों की सुरक्षा के लिए ठोस व्यवस्था की जाए तथा अवैध कटान पर सख्ती से रोक लगाई जाए, ताकि पर्यावरण को बचाया जा सके और आने वाली पीढ़ियों के लिए हरियाली सुरक्षित रह सके।


